कोहनी का इलाज , महंगी पड़ेगी देरी

कोहनी का इलाज , महंगी पड़ेगी देरी

कोहनी का इलाज , महंगी पड़ेगी देरी

कोहनी के फ्रैक्चर को और खराब होने से बचाने के लिए तुरंत डॉंक्टरी उपचार और सर्जरी आवश्यक है। क्या है उपचार, बता रहे हैं फोर्टिस हॉस्पिटल के डॉ.जी.के.अग्रवाल

युवा कामकाजी 25 वर्षीय प्रिया कुकरेजा ने इस उम्र में इस अप्रत्याशित स्वास्थ्य समस्या के बारे में कभी नहीं सोचा था, जब तक वह दुर्घटनावश बर्फ पर फिसल नहीं गईं और उनकी कोहनी टूट नहीं गयी। समय बर्बाद किए बगैर उसके माता-पिता तत्काल डॉक्टरी सहायता प्राप्त करने के लिए उसे अस्पताल ले गए। इससे उसकी कोहनी बच गयी। जब प्रिया की जांच की गई तो एक्स-रे में हड्डी के कई टुकड़ों के साथ जटिल फ्रैक्चर पाया गया। उनकी दाहिनी कोहनी में दर्द व सूजन था। इस कारण उसे हिलाना-डुलाना मुश्किल था। तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी। उनकी कोहनी का एक जटिल ऑपरेशन किया गया और हड्डी के टुकड़ों को विशेष प्लेट और स्क्रू से फिक्स किया गया।
क्या है उपचार

कोहनी ऊपरी अंग के सबसे महत्वपूर्ण भागों में से एक है। इसके फ्रैक्चर का सही ढंग से इलाज नहीं कराने पर यह काफी परेशानी पैदा कर सकती है।
कैसे होती है यह समस्या

यह कोहनी के बल गिरने या कोहनी में चोट लगने से हो सकती है। यह समस्या मोच और हड्डी या जोड़ के उखड़ जाने से भी हो सकती है। इससे रोगी को और अधिक पीड़ा होने और उसकी स्थिति और खराब होने की आशंका होती है। इसलिए ऐसी किसी भी तरह की चोट के इलाज के लिए ऑथरेपेडिक विशेषज्ञ से परामर्श लेना बेहतर है।
कैसे होता है इलाज

एक्स -रे, सीटी स्कैन और एमआरआई स्कैन हड्डियों की पूरी तस्वीर और नुकसान की स्थिति को दिखा सकते हैं। यदि हड्डियों को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा हो तो जल्द मूवमेंट पर बल दिया जाता है।
विशेषज्ञ के पास ही जाएं

हड्डियों को सही स्थिति में एकजुट करने के लिए किसी विशेषज्ञ के द्वारा सर्जरी कराना जरूरी है। जोड़ों की हड्डियों को सही तरह से फिट किया जाना जरूरी है। कोहनी के फ्रैक्चर कई तरह के होते हैं, इसलिए सर्जरी कराने से पहले विशेषज्ञ द्वारा सही पहचान किया जाना बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। बच्चों के मामले में बढ़ रही हड्डियों की बदलती संरचना और फ्रैक्चर की नाजुक हालत के कारण उनकी कोहनी की जांच के अधिक मुश्किल होने के कारण यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। ऑस्टियोपोरोसिस से ग्रस्त महिलाएं, बच्चे और बूढ़े लोगों की हड्डियां कमजोर होती हैं और उनके भंगुर होने की आशंका अधिक होती है। इसलिए ऐसे लोगों को तो समय रहते इस बात पर और अधिक ध्यान देना चाहिए।