नाभि का पाक जाना

नाभि का पक जाना

नाभि का पक जाना

बच्चे के जन्म के समय असावधानी बरतने तथा संक्रमण के कारण उनकी नाभि पाक जाती है| ऐसी स्थिति में बच्चा बार-बार रोता रहता है|
कारण

नर्सों की असावधानी के कारण जब बच्चे की नाभि से नाल ठीक प्रकार से नहीं काटी जाती तो उनकी नाभि पक जाती है| उसमें से रक्त और मवाद आने लगती है|
पहचान

शिशु की नाभि में बहुत दर्द होता है| वह रोता रहता है| कभी-कभी नाभि अत्यंत लाल-सुर्ख हो जाती है|
नुस्खे

चिकनी सुपारी को पानी में घिसकर दिन में चार-पांच बार बच्चे की नाभि पर लगाएं|
हल्दी को सरसों के तेल में मिलाकर फाहा भिगो लें| फिर इसे नाभि पर रखकर पट्टी बांध दें| दिन में तीन बार फाहा बदलें|
मुलहठी के चूर्ण का काढ़ा बनाकर सरसों के तेल में मिलाकर शिशु की नाभि पर लगाएं|
पठानी लोध को तेल में मिलाकर गरम करके नाभि पर लगाएं|
प्रियंगु का चूर्ण नाभि पर बुरकने से काफी लाभ होता है|
तुलसी के पत्तों का रस मोम तथा सरसों के तेल में मिलाकर मलहम बना लें| इसे नाभि पर बार-बार लगाएं|