पुदीना के लाभ

पुदीना के लाभ

पुदीना के लाभ

पेट दर्द और अपच होने पर पुदीना, जीरा, हींग, कालीमिर्च, नमक डालकर चटनी की तरह पीसें। मात्रा भी जैसे चटनी में लेते हैं, उतनी ही लें। इनको एक गिलास पानी में उबालकर पी जायें।

सिरदर्द, जुकाम में पुदीने के पत्तों को सूंघने से लाभ होता है।

जुकाम, न्यूमोनिया – (1) पुदीने के रस की तीन बूंदें नाक के दोनों नथुनों में डालें तथा पुदीने व अदरक के रस को 1-1 चम्मच, एक चम्मच शहद में मिलाकर नित्य दो बार लम्बे समय तक पीने से लाभ होता है। (2) पुदीना 25 ग्राम, अदरक 10 ग्राम – इन्हें दो कप पानी में मिलाकर काढ़ा बनाकर दो बार पीने से ज्वर, जुकाम, गैस में लाभ होता है।

जुकाम, ज्वर, गैस, भूख – 25 ग्राम पुदीना, 10 ग्राम अदरक, 10 कालीमिर्च, 15 पत्ते तुलसी – इन सबको पीसकर दो कप पानी में उबालें। उबलते हुए आधा पानी रहने पर छानकर हल्का गर्म रहने पर पियें। इस प्रकार नित्य तीन बार पीने से हर प्रकार का ज्वर, जुकाम और गैस, भूख ठीक हो जाती है।

कृमि, अपच, अरुचि, भूख न लगना, गैस – (1) पुदीने का रस दो चम्मच, शहद एक चम्मच और एक चम्मच पानी मिलाकर पीने से लाभ होता है। (2) दो चम्मच पुदीने के रस में जरा-सा काला नमक मिलाकर पीने से लाभ होता है।

दाद – (1) नित्य दो बार पुदीने की चटनी नीबू के रस में पीसकर दाद पर लगायें। (2) पुदीने का रस चार चम्मच, नीबू का रस दो चम्मच, इस अनुपात में मिलाकर नित्य दो बार लगायें। लम्बे समय (एक-दो माह तक) लगाने पर लाभ होगा। खुजली में भी लाभ होगा।

अश्रुस्राव – पुदीना और धनिया की हरी पत्तियाँ एक गिलास पानी में उबालें। आधा पानी रहने पर छानकर स्वादानुसार नमक मिलाकर पीने से आँखों में पानी आना बन्द होता है।

त्वचा को गर्मी – हरा पुदीना पीसकर चेहरे पर बीस मिनट तक लगा दें। यह त्वचा की गर्मी निकाल देता है।

पित्ती – दस ग्राम पुदीना, बीस ग्राम गुड़, दो सौ ग्राम पानी में उबालकर छानकर नित्य दो बार पिलाने से बार-बार उछलने वाली पित्ती ठीक हो जाती है।

ज्वर – (1) गर्मी में जुकाम, खाँसी व ज्वर होने पर पुदीना चाय की तरह उबालकर स्वाद के अनुसार नमक डालकर पीने से लाभ होता है। (2) पुदीने के पत्ते चाय की तरह उबालकर, छानकर एक कप पानी में स्वादानुसार चीनी मिलाकर गर्म-गर्म नित्य तीन बार पियें। ज्वर उतर जायेगा।

कृमि – 30 ग्राम पुदीना और दस कालीमिर्च पीसकर एक गिलास पानी में घोलकर पीने से पेट में कृमि मरकर निकल जाते हैं। पेशाब खुलकर नहीं आता हो तो पुदीना और मिश्री पीसकर एक गिलास ठण्डे पानी में मिलाकर पियें।

मुँहासे – हरा पुदीना पीसकर इसमें 5 बूंद नीबू का रस मिलाकर मुँहासों पर लेप करें। दस मिनट अाँखें बन्द रखें। आधे घण्टे बाद अाँखें बन्द करके चेहरा धोयें। कुछ सप्ताह प्रयोग करने से मुँहासे मिट जायेंगे। लगाते, धोते समय ध्यान रखें कि पुदीना अॉखों में नहीं जाये।

कफ छाती में जमा हो, घड़-धड़ बोलता हो तो दो चम्मच पुदीने का रस एक कप गर्म पानी में मिलाकर नित्य तीन बार पिलाने से कफ बाहर निकल जाता है।

पेट के रोग – हरा पुदीना पीसकर रस निकाल लें। पुदीने का रस दो चम्मच, दो चम्मच शहद, आधा नीबू निचोड़ लें। उसमें एक कप पानी मिलाकर, घोलकर पियें। इससे गर्मी के मौसम में हुई अपच, अरुचि, कब्ज़, गैस, पेट की जलन ठीक हो जायेगी।