स्वद , सेहद और सुगंध

स्वद , सेहद और सुगंध

स्वद , सेहद और सुगंध

अस्थमा और खांसी के उपचार में सौंफ सहायक है। कफ और खांसी के इलाज के लिए सौंफ खाना उपयोगी है। गुड़ के साथ सौंफ खाने से मासिक धर्म नियमित होता है। यह शिशुओं के पेट और उनके पेट के अफारे को दूर करने में बहुत उपयोगी है। एक चम्मच सौंफ को एक कप पानी में उबलने दें और 20 मिनट तक इसे ठंडा होने दें। इससे शिशु के कॉलिक का उपचार होने में मदद मिलती है। शिशु को एक या दो चम्मच से ज्यादा यह घोल नहीं देना चाहिए। सौंफ के पावडर को शकर के साथ बराबर मिलाकर लेने से हाथों और पैरों की जलन दूर होती है। भोजन के बाद 10 ग्राम सौंफ लेनी चाहिए। भोजन के बाद सौंफ चबाने से सांस तरोताजा रहती है, अपच दूर होती है और कब्ज भी खत्म होती है। मितली का अहसास भी इससे दूर होता है।