Adi Godrej Inspiring Success Story

Adi Godrej Inspiring Success Story

Adi Godrej Inspiring Success Story

आदि गोदरेज एक प्रसिद्ध भारतीय उद्योगपति और प्रसिद्द औद्योगिक घराने गोदरेज समूह के अध्यक्ष हैं। वे भारत के सबसे धनी उद्योगपतियों में से एक हैं। आदि कई सारे भारतीय उद्योग संगठनों के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। सन 2011 से वे इंडियन स्कूल ऑफ़ बिज़नस के बोर्ड के अध्यक्ष हैं और कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडियन इंडस्ट्री के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वे एम.आई.टी. स्लोअन प्रबंधन संस्थान के संकायाध्यक्ष के सलाहकार समिति के सदस्य हैं। वे नारसी मोंजी इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडीज के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स के भी अध्यक्ष हैं और व्हार्टन एशियन एग्जीक्यूटिव बोर्ड के मेंम्बर हैं। इसके साथ-साथ आदि “हिमालयन क्लब” के संरक्षक भी हैं। उन्होंने गोदरेज को एक परंपरागत ढंग से काम करने वाली कंपनी से एक “पेशेवर कंपनी” बनाया।

प्रारंभिक जीवन:-
आदि गोदरेज का जन्म 3 अप्रैल 1942 को मुंबई शहर में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई में ही हुई। उन्होंने एच. एल. कॉलेज से स्नातक किया और “एम.आई.टी. स्लोअन स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट” से एम.बी.ए. किया। अपने प्रबंधन के पढ़ाई के दौरान वे “पाई लैम्ब्डा फाई” और “ताऊ बीटा पाई” के सदस्य थे। सन 1963 में उन्होंने अपनी प्रबंधन की पढ़ाई पूरी की।

करियर:-
अमेरिका के प्रतिष्ठित संस्थान एम.आई.टी. से एम.बी.ए. करने के बाद वे भारत लौट आये और अपने पारिवारिक व्यवसाय में शामिल हो गए। जब वे गोदरेज समूह में शामिल हुए तो प्रबंधन को उनसे बहुत उम्मीदें थी क्योंकि प्रबंधन की शिक्षा ग्रहण करने के बाद कंपनी में शामिल होने वाले वे पहले व्यक्ति थे।

आदि के शामिल होने से पहले कंपनी पुराने ढर्रे पर कार्य करती थी जिसको बदलना उनके लिए एक कठिन चुनौती थी। उन्होंने कंपनी के प्रबंधन ढाँचे को आधुनिक और सुव्यवस्थित किया और बेहतर प्रक्रियाओं को लागू किया। उन्होंने गोदरेज को एक “पारिवारिक कंपनी” से एक “पेशेवर कंपनी” बनाया और मुख्य कार्यकारी अधिकारी जैसे पदों पर परिवार के बाहर से पेशेवर लोगों को भर्ती किया। भारत में लाइसेंस राज के दौर में भी वे “गोदरेज समूह” को सफलता के नए शिखर पर ले गए। उन्होंने अपने भाई नादिर गोदरेज (जो गोदरेज इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक और गोदरेज अग्रोवेट के अध्यक्ष हैं) और चचेरे भाई जमशेद गोदरेज (जो गोदरेज एंड बोयस के प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष हैं) गोदरेज समूह का बहुत विकास किया है।

आदि गोदरेज के नेतृत्व में गोदरेज समूह कई परोपकारी गतिविधियों में भागिदार है। वे “वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फण्ड इन इंडिया” के जोरदार समर्थक हैं और इसके कार्यों में सहयोग प्रदान किया है। सन 2011 से वे “इंडियन स्कूल ऑफ़ बिज़नेस” के अध्यक्ष हैं। सन 2012-13 में उन्हें “कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया इंडस्ट्री (सी.आई.आई.) का अध्यक्ष भी चुना गया था।

सम्मान और पुरस्कार:-
आदि गोदरेज को अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।

राजीव गाँधी पुरस्कार 2002
द अमेंरिकन इंडिया फाउंडेशन लीडरशिप इन फिलान्थ्रोप्य अवार्ड, 2010
एशिया पसिफ़िक इंटरप्रेन्योरशिप सम्मान 2010 में “इंटरप्रेन्योर ऑफ़ द इयर” पुरस्कार से सम्मानित
जी.क्यू मेंन ऑफ़ द इयर अवार्ड्स 2010 में “बेस्ट बिजनेसमैन ऑफ़ द इयर” पुरस्कार से सम्मानित
चेमेंक्सिल के “लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार” 2010 से सम्मानित
एआईएमए- जेआरडी टाटा कॉर्पोरेट लीडरशिप सम्मान 2010
बॉम्बे मैनेजमेंट एसोसिएशन – मैनेजमेंट ऑफ़ द इयर पुरस्कार 2010-2011
किम्प्रो प्लैटिनम स्टैण्डर्ड अवार्ड फॉर बिज़नस 2011
अर्न्स्ट एंड यंग इंटरप्रेन्योर ऑफ़ द इयर 2012
भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित, 2012
डा एशियन अवार्ड्स- इंटरप्रेन्योर ऑफ़ द इयर 2013
आल इंडियन मैनेजमेंट एसोसिएशन – बिज़नस लीडर ऑफ़ द इयर 2015

निजी जीवन:-
उन्होंने मशहूर सोशलाइट और लोकोपकारी परमेंश्वर गोदरेज से विवाह किया। गोदरेज दंपत्ति के तीन बच्चे हैं। आदि गोदरेज मुंबई के जुहू क्षेत्र में रहते हैं। उनकी सबसे बड़ी बेटी तान्या गोदरेज इंडस्ट्रीज में कार्यकारी निदेशक और विपणन विभाग की अध्यक्ष हैं। उनकी दूसरी बेटी निशा गोदरेज ने अमेरिका के हार्वर्ड बिज़नस स्कूल से प्रबंधन की शिक्षा ली है और गोदरेज समूह में कार्यरत हैं। उनके बेटे पिरोजशा गोदरेज ने भी अमेरिका से प्रबंधन की शिक्षा ली है और “गोदरेज प्रॉपर्टीज” से जुड़े हैं।