Sabeer Bhatia Inspiring Success Story

Sabeer Bhatia Inspiring Success Story

Sabeer Bhatia Inspiring Success Story

सबीर भाटिया एक भारतीय उपक्रमी और इ-मेंल सेवा हॉटमेंल (जो अब आउटलुक.कॉम है) के सह-संस्थापक हैं। सबीर द्वारा स्थापित यह इ-मेंल सेवा आज विश्व के लगभग 106 भाषाओं में है और फरवरी 2013 तक लगभग 42 करोड़ लोग इसका उपयोग कर रहे थे। हॉटमेंल की स्थापना सन 1996 में सबीर भाटिया और अमरीका के जैक स्मिथ ने तीन लाख डॉलर की पूंजी से की थी और सन 1997 में इसका अधिग्रहण दुनिया के तत्कालीन सबसे बड़ी आई.टी. कम्पनी माइक्रोसॉफ्ट ने लगभग 2500 करोड़ रूपयों में किया। इस अधिग्रहण के बाद सबीर भाटिया रातोंरात सिलिकॉन वैली के सुपरस्टार बन गए और पूरे विश्व पर छा गए। हॉटमेंल के माइक्रोसॉफ्ट द्वारा अधिग्रहण के बाद सबीर ने सन 1999 में एक इ-कॉमर्स कंपनी आरजू.कॉम प्रारंभ किया। बाद में उनकी कंपनी सबसेबोलो ने मुफ्त में मैसेज भेजने वाली कंपनी jaxtr का अधिग्रहण किया। हॉट-मेंल के बाद सबीर भाटिया के कई उपक्रम प्रारंभ किये पर उनमें से किसी को भी हॉट-मेंल जैसी सफलता नहीं मिल सकी।

प्रारंभिक जीवन:-
सबीर भाटिया का जन्म 30 दिसम्बर 1968 को पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ में एक पंजाबी परिवार में हुआ था। उनके पिता बलदेव भाटिया भारतीय सेना में एक अधिकारी थे जो बाद में रक्षा मंत्रालय में शामिल हो गए और उनकी माता दमन भाटिया सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में वरिष्ठ अधिकारी थीं। सबीर की प्रारंभीक शिक्षा बेंगलोर के सेंट जोसफ बॉयज़ हाई स्कूल से हुई और इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए उन्होंने सन 1986 में पिलानी के बिड़ला प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (BITS) में दाखिला लिया पर दो वर्ष के बाद ही एक कार्यक्रम के तहत अमेरिका के प्रसिद्ध कैलिफोर्निया इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech) में तबादला ले लिया। कैलटेक से स्नातक होने के बाद सन 1989 में उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनीयरिंग में एम.एस. करने के लिए स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। यहाँ उन्होंने “अल्ट्रा लो पावर वीएलएसआई डिजाइन” पर कार्य किया।

स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में रहते हुए सबीर स्टीव जॉब्स और स्कॉट मैकनेली जैसे उद्यमियों से प्रेरित हुए और स्नातकोत्तर के बाद पी.एच.डी. करने के बजाय, एप्पल में शामिल होने का फैसला किया। सन 1995 में सबीर ने जावासॉफ्ट नाम की एक इन्टरनेट कंपनी प्रारंभ की। यह कंपनी लोगों की व्यक्तिगत इनफॉर्मेंशन इंटरनेट पर स्टोर करती थी और इन सूचनाओं को इन्टरनेट के माध्यम से किसी भी कंप्यूटर पर देखा जा सकता था। इसी दौरान सबीर जिस कंपनी में कार्य कर रहे थे उसने कंपनी के इंटर्नल नेटवर्क में फायर वॉल लगा दिया जिसके कारण ऑफिस कार्य करते हुए लोग अपना पर्सनल मेंल चैक नहीं कर सकते थे। इसी क्षण सबीर के मन में एक विचार आया कि क्यों न ई-मेंल को भी इन्टरनेट पर डाल दिया जाए, ताकि किसी भी स्थान से और किसी भी कंप्यूटर पर आप अपनी मेंल देख सकें।

वे अपने एक सहयोगी जैक स्मिथ के साथ मिलकर इस पर काम करने लगे। दोनों ने पहले वेब आधारित ई-मेंल सिस्टम की क्षमता का परिक्षण किया और सिद्ध किया और उसके बाद हॉटमेंल बनाने का फैसला किया। ज्यादा से ज्यादा लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए, यह ई-मेंल सेवा बिलकुल मुफ़्त रखी गयी और वेबसाइट पर विज्ञापन के माध्यम से राजस्व प्राप्त किया जाने लगा। इस प्रकार हॉट मेंल का जन्म हुआ और बाकी इतिहास है। इससे पहले दुनिया में इस तरह की कोई भी ई-मेंल प्रणाली नहीं थी। 16 फरवरी 1996 को हॉट मेंल का जन्म हुआ और 30 दिसंबर 1997 को सबीर भाटिया ने अपनी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट को बेच दी।

सेवा प्रारंभ करने के छह महीनों के अन्दर ही, हॉटमेंल ने दस लाख से अधिक लोगों को आकर्षित किया और जैसे ही यूजर्स की संख्या में वृद्धि होने लगी, मशहूर आई.टी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट का ध्यान इस पर गया और 30 दिसम्बर 1997 को हॉटमेंल को 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर में माइक्रोसॉफ्ट को बेच दिया गया।

सबीर भाटिया के अन्य उपक्रम:-
माइक्रोसॉफ्ट द्वारा हॉटमेंल के अधिग्रहण के बाद सबीर ने लगभग एक साल तक माइक्रोसॉफ्ट में कार्य किया और अप्रैल 1999 में उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट छोड़कर एक इ-कॉमर्स कंपनी आरजू.कॉम प्रारंभ की पर यह कंपनी चल नहीं पायी और इसे बंद करना पड़ा। बाद में सन 2010 में इसे एक ट्रैवेल पोर्टल के रूप में दोबारा शुरू किया गया।

इसके पश्चात उभरते हुए ब्लॉगॉसफियर को भुनाने के उद्देश्य से उन्होंने BlogEverywhere की शुरूआत की (सह-संस्थापक शिराज कांगा और विराफ जैक के साथ) पर यह भी कुछ ख़ास नहीं चल पायी।

सन 2006 में उन्होंने एक नेटवर्क सुरक्षा विक्रेता और एसएसएल वीपीएन-प्लस के निर्माता, निओऐक्सेल में निवेश कर एंजल निवेशक बन गए। सन 2008 में सबीर भाटिया ने सबसेबोलो.कॉम बाज़ार में उतारा जो एक मुफ्त वेब-आधारित टेलीकन्फरेनसिंग प्रणाली उपलब्ध कराती थी। जून 2009 में सबीर भाटिया की कंपनी सबसेबोलो ने जैक्सटर (एक इंटरनेट टेलीफोन सेवा स्टार्टअप) का अधिग्रहण कर लिया। उनके जैक्सटर को भी आशातीत सफलता नहीं मिल पायी और सबसेबोलो भी नहीं चल पाया।

व्यक्तिगत जीवन:-
सन 2008 में, उन्होंने भारत के प्रसिद्द उद्योग घराने बैद्यनाथ ग्रुप की उत्तराधिकारिणी, तान्या शर्मा के साथ विवाह कर लिया। विवाह से पहले वे एक दूसरे को आठ साल से जानते थे। उनका विवाह मलेशिया के लंग्कावी में एक निजी समारोह में संपन्न हुआ।

पुरस्कार:-
उद्यम पूंजी फर्म ड्रेपर फिशर जुरवेत्सन ने उन्हें “वर्ष के उद्यमी” (1998) द्वारा सम्मानित किया।
उप्सिदे पत्रिका के न्यू इकॉनमी के शीर्ष ट्रेंडसेटर की सूची में “एलिट 100,” के लिए नामांकित किया गया।
उनके एमआईटी का TR100 पुरस्कार प्रदान किया गया।
टाइम पत्रिका द्वारा नामांकित “पीपल टू वॉच” में से एक (2002)

टाइम लाइन (जीवन घटनाक्रम):-
1968: 30 दिसम्बर को चंडीगढ़ में जन्म हुआ।
1986: पिलानी के बिड़ला प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (BITS) में दाखिला लिया।
1996: जुलाई माह में हॉट-मेंल की सेवा प्रारंभ हो गई।
1997: माइक्रोसॉफ्ट ने सबीर भाटिया के हॉटमेंल का 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर में अधिग्रहण कर लिया।
1999: इ-कॉमर्स कंपनी आरजू.कॉम प्रारंभ की।
2008: सबीर ने सबसेबोलो.कॉम लांच किया।
2008: तान्या शर्मा के साथ विवाह कर लिया।
2009: जून 2009 में सबीर भाटिया की कंपनी सबसेबोलो ने जैक्सटर (एक इंटरनेट टेलीफोन सेवा स्टार्टअप) का अधिग्रहण कर लिया।